नई दिल्ली : 2025 में सोने की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी हुई है। इस पूरे साल में एक बार कीमत बढ़ी तो बढ़ती ही चली गयी और सोना पहली बार एक लाख रूपये प्रति 10 ग्राम से ऊपर पहुंचा। ये बढ़ोत्तरी 1979 के बाद अब तक की सबसे तेज बढ़ोत्तरी थी। करीब 70 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोत्तरी ने 24 कैरेट गोल्ड के रेट को 1 लाख 38 हजार रूपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचा दिया था। अब जबकि साल 2025 जाने वाला है और फरवरी से फिर शादियों के सीजन शुरू हो रहे हैं तो सोने के सस्ते होने के आसार दिखायी नहीं दे रहे हैं। यदि यही हालात रहे तो जल्द ही सोना 1 लाख 50 हजार को पार कर जायेगा।
आपको बता दे कि जनवरी 2025 में सोने की कीमत 71 हजार रूपये प्रति 10 ग्राम से 78000 रूपये प्रति 10 ग्राम थी जबकि 2024 में यहीं कीमत 58000 से 63000 रूपये तक थी। अब 2026 में शुरूआत 1 लाख 38 हजार से शुरू हो रही है। ज्वैलर्स का कहना है कि शादियों के आर्डर अभी से आने शुरू हो गये हैं और सोने के आभूषणों की बिक्री बढ़ने के आसार दिखायी दे रहे हैं।

इन सब के बावजूद आपको बता दें कि वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की 2025 की तिमाही रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में सोने की कुल मांग लगभग 16 प्रतिशत घटी है और सिर्फ तिमाही नहीं पूरे वर्ष में पिछले वर्ष की तुलना में 31 प्रतिशत की भारी गिरावट रही है। फिर भी सोना अपनी तेजी और बढ़ती हुई गति को बरकरार रख रहा है।
इस बार शादी के सीजन में अभी से ऑर्डर में 20 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है और आगामी सीजन में बिक्री में भी 10 फीसदी ज्यादा रहने की उम्मीद है। हालांकि सोने की रिकॉर्ड कीमतों से अन्य आभूषणों पर भी प्रभाव पड़ा है। मध्यम वर्ग के लोगों ने साथ में चांदी और उच्च वर्ग के लोगों ने हीरे की खरीदारी में भी ज्यादा दिलचस्पी दिखायी है। ज्वैलर्स का कहना है कि कीमती पत्थरों और लेबग्रोन डायमंड की ओर भी ग्राहक देख रहे हैं और नए खरीदार बहुमुखी आभूषणों की ओर रुख कर रहे हैं।

हालांकि सोने के बढ़ते रेट के जिम्मेदार वैश्विक हालात भी हैं। रूस-यूक्रेन और इसराइल-हमास के बीच जारी युद्ध ने भी कीमतों पर प्रभाव डाला है। निवेशकों ने बढ़ते जोखिम को देखते हुए सोने में निवेश को सबसे अच्छा विकल्प माना हैं। वहीं डॉलर की कमजोरी, केंद्रीय बैंकों द्वारा भारी खरीदारी, बढ़ती महंगाई और कम ब्याज दरें सोने की कीमतों को रिकॉर्ड स्तर पर ले जा रही है।
मन की बात : मोदी ने कहा, हर भारतीय के लिए गर्व का प्रतीक है ऑपरेशन सिंदूर