देहरादून : त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और छात्र की हत्या के आरोपितों को बख्शा नहीं जायेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस तरह की कोई भी घटना प्रदेश में स्वीकार्य नहीं है। राज्य सरकार अराजक तत्वों से सख्ती से निबटेगी और इस तरह की घटनाओं में संलिप्त रहने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस को निर्देश देते हुए कहा है कि फरार आरोपित की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाये। उन्होंने ये भी कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले सरकार से रहम की उम्मीद न रखें। ऐसे अराजक तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जा सकता है। राज्य सरकार उत्तराखंड में रह रहे प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री धामी ने त्रिपुरा के मृतक छात्र के प्रति शोक प्रकट किया है।
आपको बता दे कि त्रिपुरा के उनकोटी जिले के नंदानगर निवासी छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले में पांच आरोपितों को पकड़ा जा चुका है। इनमें से दो आरोपी नाबालिग हैं, जिन्हें बाल सुधार गृह भेजा गया है और एक फरार आरोपित की धर-पकड़ के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। उस आरोपी पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस की एक टीम को उसकी तलाश में नेपाल भी भेजा गया है।

बताया गया है कि त्रिपुरा निवासी एंजेल चकमा देहरादून की एक यूनिवर्सिटी में एमबीए का छात्र था। बीते 9 दिसंबर को एंजेल सेलाकुई क्षेत्र में अपने भाई के साथ दुकान में सामान लेने के लिए गया था। आरोप है कि हमलावरों ने पहले एंजेल पर चाइनीज, चिंकी, मोमोज जैसे नस्लीय और अपमानजनक कमेंट्स किए और जब इस बात पर कहासुनी हुई तो युवकों ने उस पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल छात्र एंजेल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वो 17 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता रहा और इलाज के दौरान ही दम तोड़ दिया था।
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