नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत में ठंड ने जन जीवन को अस्त-व्यस्त और बेहाल कर दिया है। घने कोहरे और बेहताशा सर्दी ने दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं। इस जाते हुए दिसम्बर में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से भी कम दर्ज किया गया है और दिल्ली में न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री रहा है।
मेरठ में 28 दिसंबर को अधिकतम तापमान 16.6 दर्ज किया गया जो पिछले 13 वर्षों में सबसे कम रहा है। हरियाणा में 2.5 डिग्री के साथ हिसार जिला सबसे ठंडा रहा और पंजाब के फरीदकोट में पारा 3.4 डिग्री मापा गया। वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड के निचले इलाकों में शीतलहर का प्रकोप चल रहा है।

आपको बता दें कि बीते दिन पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में घने कोहरे के कारण दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई। शीतलहर को देखते हुए यूपी में 12वीं तक के सभी स्कूलों को एक जनवरी तक बंद कर दिया गया है। प्रयागराज, कुशीनगर, शाहजहांपुर, बरेली, अलीगढ, सहरानपुऱ और मुरादाबाद सहित कई जिलों में बहुत घना कोहरा छाया रहा और दृश्यता शून्य के करीब दर्ज की गई।
इस सर्दी और कोहरे का सीधा असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर पड़ा है। कई ट्रेनें देरी से चलीं और कई उड़ानें रोक दी गयी हैं। अकेले इंडिगो ने 57 उड़ानें रद्द कर दीं। इसमें मुख्य रूप से खराब मौसम के पूर्वानुमान के कारण ही रद्द की गई हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ला नीना का प्रभाव, उत्तर और उत्तर-पूर्व से आ रही ठंडी और सूखी हवाएं, और पश्चिमी विक्षोभ की कमी प्रमुख वजहें हैं। साथ ही जलवायु परिवर्तन के चलते मौसम के पैटर्न में हो रहे बदलाव भी अचानक कड़ाके की ठंड का कारण बने हैं।

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