बंगलुरूः भारत के सबसे सफल कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी-20 में एक यादगार रिकार्ड बना दिया। यूं तो महेंद्र सिंह धोनी अपनी आतिशी बल्लेबाजी और कूल लीडरशिप के लिए मशहूर है लेकिन अपनी अदद फिफ्टी के लिए तरस रहे थे जिसका सूखा आज पूरा हो गया। अपनी इस पहली फिफ्टी के लिए धोनी को 10 साल का लम्बा इंतेजार करना पड़ा जो एक अनचाहा रिकार्ड बन गया।
महेंद्र सिंह धोनी ने बंगलुरू में अपने टी-20 इंटरनेशनल करियर में पहला अर्धशतक (56 रन) लगाया। इससे पहले 10 साल में धोनी का सर्वोच्च स्कोर नाबाद 48 रन था। उनकी यह पहली फिफ्टी 66वीं में पारी (76वां मैच) में आई। वर्ष और पारी दोनों के लिहाज से धोनी का यह अनचाहा कीर्तिमान रिकॉर्डबुक में शामिल हो गया है।
-धोनी कप्तान के रूप में 0 अर्धशतक 72 मैचों में
-बल्लेबाज के तौर पर 1 अर्धशतक 4 मैचों में