देहरादून : उत्तराखंड में भाजपा के चुनावी घोषणापत्र जारी होने के एक दिन बाद कांग्रेस पार्टी ने अपना घोषणापत्र जारी किया। ‘संकल्प पत्र’ के नाम से जारी कांग्रेस के घोषणा पत्र में 48 प्रतिशत फोकस पलायन और रोजगार के साथ पलायन वाले क्षेत्रों में शिक्षा स्वास्थ्य और सड़क, बिजली पर किया गया है। सीएम ने कहा कि भाजपा के घोषणा पत्र में संकल्प का अभाव बताया। कहा कि अब उत्तराखंड को संकेत की नहीं बल्कि रोडमैप की आवश्यकता है। कहा कि हम 2019-20 तक प्रदेश में पलायन रोकेंगे और 2022 तक पलायनित क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करेंगे। वहीं सीएम रावत ने उत्तराखंड के हर परिवार में एक सदस्य को रोजगार देने के अपने पुराने संकल्प को घोषणा पत्र में जगह दी है। युवाओं को रोजगार के साथ हरीश रावत ने पलायन रोकने का वादा किया है। इसके साथ ही प्रदेश में नए जिले बनाने का वादा किया गया है। इस दौरान सीएम रावत ने स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने की बात कही। बताया कि प्रदेश सरकार युवाओं को स्किल्ड बना रही ताकि वे नौकरी मांगने वालों की जगह नौकरी देने वाले बनें। घोषणा पत्र में आपदा प्रबंधन पर फोकस करने की बात कही गई है। कांग्रेस के घोषणा पत्र में महिलाओं का खास ध्यान रखा गया है। इस दौरान सीएम रावत ने कहा कि हमारा लक्ष्य महिला कल्याण से महिला आर्थिक सशक्तीकरण हो गया है। इसके लिए इंदिरा अम्मा भोजनालय और महिला मंगल दल की भूमिका बताई। कहा कि इंदिरा अम्मा भोजनालय केवल सस्ते भोजन की योजना नहीं बल्कि महिला आर्थिक सशक्तीकरण की योजना है। इसके साथ ही प्रदेश में इंदिरा दुग्ध मंडल बनाने की बात कही है। साथ ही सिडकुल में 100 एकड़ जमीन महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए देने की बात कही है। ‘संकल्प पत्र’ में अगले पांच साल में महिला आर्थिक सश्क्तीकरण के क्षेत्र में राज्य को एक रोल मॉडल बनाने की बात कही है। सीएम रावत ने कहा कि 2017 में सभी आरक्षित वर्ग को भरने की बात कही है। इसके साथ ही मदरसा एजूकेशन को मॉडर्न बनाने में मदद देने की बात कही है।