देहरादून : प्रदेश के पेयजल मंत्री प्रकाश पन्त से विधान सभा उनके कक्ष में स्वजल संगठन के हटाये गये कर्मियों ने मुलाकात कर अपनी मांग के सम्बन्ध में वार्ता की। पेयजल मंत्री द्वारा संगठन के कर्मियों के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए सचिव पेयजल एवं परियोजना निदेशक स्वजल से हटाये गये कर्मियों के पुनर्नियुक्त करने के निर्देश दिये गये।
बैठक में पेयजल मंत्री ने हटाये गये 58 कार्मिकों में से 45 को पूर्व शर्तों में पुनर्नियुक्त करने के निर्देश सचिव पेयजल को दिये तथा 11 पेन्सन भोगी पूर्व सैनिकों में जो कार्य करने में सक्षम हैं, को सचिव स्तर पर स्क्रीनिंग के पश्चात उपयुक्त पाने पर पुनर्नियुक्त करने के निर्देश दिये। उन्होंने सचिव पेयजल को 7 दिन में इन कार्मिकों के बारे में निर्णय लेने के आदेश दिये। उन्होंने शेष 2 कार्मिक जिनके विरूद्ध गम्भीर प्रकृति के आरोप हैं, का भी पक्ष सुनने के पश्चात यदि आरोप सही नहीं पाये गये तो उनकी सेवाएॅ भी बहाल करने के निर्देश सचिव पेयजल को दिये।
उन्होंने प्रतिनिधि मण्डल को अवगत कराया कि स्वजल परियोजना की अवधि पूर्ण हो जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने हटाये गये कार्मिकों को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार कार्मिकों के हितों की हमेशा पक्षधर रही है। सरकार द्वारा जल स्रोतों के रिचार्ज करने के मध्यनजर वाह्य सहायतित योजना के माध्यम से केन्द्र सरकार द्वारा ठोस प्रस्ताव प्रेषित किया जायेगा तथा वे स्वयं केन्द्रीय मंत्री से प्रभावी पैरवी कर पेयजल के अन्तर्गत योजना में धन आबंटित करायेंगे। उन्होंने सचिव पेयजल एवं परियोजना निदेशक स्वजल को निर्देश दिये कि स्वजल संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया के अन्तर्गत एक माह के भीतर ठोस नवीन प्रस्ताव तैयार करें। जिसमें स्वजल के ढाॅंचे को उनकी उपयोगिता के दृष्टिगत पुनर्गठन किये जाने और साथ ही ढाॅचे को बनाये रखे जाने हेतु उनसे सम्पन्न कराये जाने वाले विभिन्न प्रकार की योजनाओं/कार्याें का चिन्हीकरण शामिल करे।