देहरादून: टिहरी सांसद और जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की अध्यक्ष माला राज्य लक्ष्मी शाह ने विभिन्न विभागों के अधीन चल रही सभी योजनाओं में उचित निगरानी तथा पारदर्शिता के साथ गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये और आपसी समन्वय से कार्य करने की बात कही।
मंगलवार को कलैक्टेªट सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने उनके विभाग में चल रही कई योजनाओं तथा उसकी प्रक्रिया एवं वर्तमान समय में भौतिक एवं अन्य प्रगति से समिति को अवगत कराया गया। बैठक में मेयर एवं धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने सभी योजनाओं का ग्राम सभा में प्रेजेंटेशन करने तथा सम्बन्धित जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेते हुए कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने मनरेगा, जलागम तथा अन्य योजनाओं में मजदूरों के लम्बित भुगतान को शीघ्रता से करने के निर्देश दिये। बैठक में विधायक विकासनगर मुन्ना सिंह चैहान ने कहा कि मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र खोलने तथा अन्य योजनाओं में ग्रामीण क्षेत्रों में मानक जनसंख्या के आधार पर न करके सर्विस एरिया के आधार पर हो तथा किये गये कार्यों की जीओ टैगिंग इस तरह से हो कि पहले से किये गये कार्यों को बार-बार न दिखाया जा सके साथ ही कार्यस्थल की वास्तविक लोकेशन का ठीक से पता चल सके। उन्हांेने कहा कि कार्य व्यवहारिक हो तथा वह केवल कागज तक सीमित न रहे बल्कि धरातल पर भी दिखाई दे एवं लाभार्थी का आर्थिक उत्थान भी दिखना चाहिए। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह ने कहा कि जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत से चिकित्सक अपने तैनाती स्थल पर तैनात न होकर अटैचमैन्ट पर चल रहें, जिससे इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ नही हो पा रहीं है तथा पंचायतों को डिजिटल बनाने के लिए केबल डालते समय जो सड़के खोदी जा रही हैं उसे खुदाई करने वाली ऐजेंसी से खोदने से पूर्व यथास्थिति करने की अपेक्षा समिति के समक्ष की जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में याता-यात बाधित न हो पाये।
बैठक में जिलाधिकारी एवं सचिव जिला समन्वय और निगरानी समिति, एस.ए मुरूगेशन ने विभिन्न विभागों में चल रही योजनाओं के संचालन में आ रही विभिन्न बाधाओं को अधिकारियों से समिति के माध्यम से हल करने तथा जिनका समाधान जनपद स्तर पर संभव न हो उनका अनुमोदन समिति के माध्यम से कराकर शासन को निर्गत करने के निर्देश दिये। उन्होने अधिशासी अभियन्ता विद्युत विभाग को जिले के ऐसे गांव जो अविद्युतिकृत हैं तथा जिनको विद्युतीकृत करने की डी.पी.आर पूर्व में भारत सरकार को प्रेषित की जाती हैं उनका दुबारा समिति के माध्यम से अनुमोदित करके प्रेषित करने के निर्देश दिये। उन्होने मुख्य कृषि अधिकारी को फसल बीमा योजना में अधिक लक्ष्य बढाने तथा जल संस्थान एवं शिक्षा विभाग को पेयजल एवं शौचालय से वंचितध्मरम्मत करने योग्य विद्यालयों में पेयजल आपूर्ति एवं शौचालय निर्माण के लिए आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ऐसे चिकित्सकों जो तैनाती स्थल पर ज्वाईनिंग न करके एटैचमैन्ट पर चल रहे हैं उन्हे पुनः चेतावनी के साथ ज्वाईनिंग कराने के निर्देश दिये।