देहरादून: मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिवालय में नाबार्ड के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में ग्रामीण विकास, अवसंरचना विकास, महिला सशक्तिकरण और स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण की समान प्रकृति की योजनाओं को समन्वित करने के आदेश दिये। उन्होंने जोर देते हुए स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण हेतु नाबार्ड तथा राज्य के ग्राम्य विकास विभाग के मध्य समन्वय सुनिश्चित करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण हेतु राज्य सरकार तथा नाबार्ड को मिलकर कार्य करना होगा। नाबार्ड द्वारा संचालित जनजातीय विकास, जल संरक्षण, सामूहिक कृषि, रूपे डेबिट कार्ड वितरण, वाॅटर शेड योजनाओं, स्वयं सहायता समूह प्रशिक्षण के संबंध में जन जागरूकता बढ़ाई जाए।
बैठक में नाबार्ड के पदाधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि नाबार्ड उत्तराखंड राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थापना तथा संस्थागत विकास, सहकारी व जिला बैंकों को सीबीएस करने, वित्तीय साक्षरता बढ़ाने, वित्तीय डिजिटलाइजेशन सुनिश्चित करने, बैंकों को मानव संसाधन विकास में सहायता, स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण व डिजिटलाइजेशन, वाॅटर शेड प्रोग्राम, जनजातीय क्षेत्र विकास, क्लाइमेट चेंज सेवाएं होने से संबंधित योजनाओं पर कार्य कर रहा है।