देहरादून से लेकर उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश ने आफत मचाई है। भारी बारिश और हाईअलर्ट को देखते हुए केदारनाथ धाम की यात्रा भी रोकी गई है। तो वहीं यात्रियों को सोनप्रयाग और गौरीकुंड में रोका गया है। प्रशासन का कहना है कि यहां करीब 250 यात्री रुके। और इन्हें मौसम खुलने के बाद ही केदारनाथ धाम जाने दिया जाएगा। उधर, रुद्रप्रयाग जिले में सुबह से बारिश हो रही है। इससे जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। वहीं चमोली जिले में भारी बारिश हुई। यहां भी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। घाट क्षेत्र में रात को एक वाहन मलबे में दब गया। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। वहीं अलकनंदा और पिंडर नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। नदियों का जल स्तर बढ़ते ही आपदा कंट्रोल रूम हरकत में आ गया है। चमोली के डीएम आशीष जोशी ने जिले के समस्त शासकीय, गैर शासकीय, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, उच्चतर माध्यमिक, इंटर कॉलेजों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में दो दिन के अवकाश की घोषणा कर दी है। वहीं दूसरी ओर पहाड़ों में भारी बारिश से हरिद्वार में गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। सुबह गंगा का जलस्तर 292.06 मीटर दर्ज किया गया है, जो चेतावनी के निशान के करीब है। चेतावनी का लेवल 293 मीटर है। जबकि खतरे का निशान 294 मीटर है। उधर, पौड़ी के धुमाकोट में सुबह से घनै बादल और कोहरा छाया हुआ है। और शाम से शुरू हुई बारिश रुक नहीं रही है। लगातार हो रही बारिश से लोग सहमे भी हुए हैं। बारिश ने राजधानी देहरादून में भी भारी नुकसान पहुंचाया है। यहां रिस्पना और बिंदाल नदी का जलस्तर बढ़ने से लोग सहमे हुए हैं। राजपुर रोड के आर्यनगर में रिस्पना नदी के तेज बहाव में सड़क बह गई है। इससे कई मकानों को कतरा पैदा हो गया है। शहर के अन्य इलाकों में भारी बारिश ने नुकसान पहुंचाया है।