नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात प्रोग्राम में देश को संबोधित किया और समस्त देशवासियों को नर्व वर्ष की शुभकामनायें दी। उन्होंने कहा कि साथियां, 2025 में ’मन की बात’ का ये अंमित एपिसोड है, अब हम साल 2026 में ऐसे ही उमंग और उत्साह के साथ, ’मन की बात’ के कार्यक्रम में जुड़ेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए ये भी कहा कि लोगों से मिलने वाले सुझाव और इस दिशा में उनके प्रयासों को देखकर ये विश्वास और मजबूत होता है और जब ये सब बातें मुझ तक पहुँचती हैं, तो ’विकसित भारत’ का संकल्प जरूर सिद्ध होगा तो ये विश्वास दिनों दिन मजबूत हो जाता है।
उन्होंने ये भी कहा कि मणिपुर के चुराचांदपुर में मारग्रेट रामथरसेम जी के प्रयास ऐसे ही हैं। उन्होंने मणिपुर के पारंपरिक उत्पादों को, वहाँ के हैंडीक्राफ्ट, बांस और लकड़ी से बनी चीजों को, एक बड़े विजन के साथ देखा और इसी विजन के कारण, वो एक हैंडीक्रफ्ट से लोगों के जीवन को बदलने का माध्यम बन गईं। उन्होंने कहा कि आज मारग्रेट जी की यूनिट उसमें 50 से ज्यादा कलाकार काम कर रहे हैं और उन्होंने अपनी मेहनत से दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में, अपने उत्पादों का एक बाजार भी विकसित किया है। पीएम मोदी ने कहा कि मणिपुर से ही एक और उदाहरण सेनापति जिले की रहने वाली चोखोने क्रिचेना जी का है, उनका पूरा परिवार परंपरागत खेती से जुड़ा रहा है, क्रिचेना ने इस पारंपरिक अनुभव को एक और विस्तार दिया और अपनी फूलों की खेती को जुनून बनाया है।
पीएम मोदी ने ये भी कहा कि इन दिनों कच्छ के रण में उत्सव चल रहा है। कच्छ रणोत्सव का ये आयोजन 23 नवंबर से शुरु हुआ है, जो 20 फरवरी तक चलेगा। उन्होंने कहा कि कच्छ की लोक संस्कृति, लोक संगीत, नृत्य और हस्तशिल्प की विविधता दिखाई देती है। कच्छ के सफेद रण की भव्यता देखना अपने आप में एक सुखद अनुभव कराता है। रात के समय जब सफेद रण के ऊपर चाँदनी फैलती है, वहां का दृश्य अपने आप में ही मंत्रमुग्ध कर देने वाला होता है।
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