देहरादून : प्रदेश के वन एवं श्रम मंत्री डाॅ0 हरक सिंह रावत की अध्यक्षता में विधान सभा स्थित सभागार में वेजबोर्ड के अन्तर्गत कार्यरत कार्मिकों के वेतन बढोतरी के लिए गठित त्रि-दलीय समिति की बैठक हुई।
श्रम मंत्री ने बैठक में उपस्थित शासन के अधिकारियों, निजी चीनी मिल उपाध्यक्षों भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि समस्त यथा सरकारी, सहकारी एवं निजी चीनी मिलों में वेजबोर्ड का निर्णय एक समान लागू होना चाहिए। उन्होंने भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों का पक्ष सुनने के बाद यह निर्णय लिया कि निजी चीनी मिल मालिकों द्वारा सरकार के वेतन पुनर्निधारण में कटौती को लेकर माननीय उच्च न्यायालय में वाद् दायर किया गया जो लम्बित है। जिसको देखते हुए त्रि-दलीय समिति की बैठक इस शर्त के साथ स्थगित की जाती है, कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय आने के बाद उसी के अनुसार में वेजबोर्ड के लिए गठित त्रि-दलीय समिति द्वारा निर्णय लिया जायेगा। डाॅ0 रावत का कहना था कि वेतन बढोतरी का शासनादेश दिनांक 29 दिसम्बर, 2016 जारी होने से पहले उसमें गहनता से विचार-विमर्श किया गया होगा, किन्तु मानवीय प्रवृति के कारण अगर कहीं पर अनजाने में कोई त्रुटि हो गयी थी, तो उसमें सुधार किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार मजदूरों के हितों के प्रति सजग है, और इस सम्बन्ध में माननीय उच्च न्यायालय के अनुसार समस्त मिलों पर वेतन बोर्ड लागू किया जायेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी मजदूर के साथ भेद-भाव नहीं किया जायेगा। साथ ही उन्होंने वेतनवृद्धि के लिए गठित त्रि-दलीय समिति में भारतीय मजदूर संघ, इंटैक के सदस्यों तथा समस्त मिलों के प्रबन्धकों को सदस्य के रूप में शामिल करने का आश्वासन दिया तथा मजदूर संघ के पदाधिकारियों को आश्वस्त किया, कि सरकार द्वारा उनके हितों को हमेश ध्यान में रखा जायेगा। उन्होंने निजी मिलों मालिकों के प्रबन्धकों से भी अपेक्षा की, कि वे भविष्य में संस्थान के कार्मिकों के वेतनमानों का निर्धारण करते समय सहृदयता एवं सहानुभूति अपनायें। उन्होंने कार्मिकों के अन्य देयकों के भुगतान में भी सहानुभूति अपनाने के निर्देश दिये।