दिल्लीः राज्यसभा में बजट सत्र की कार्यवाही के पहले दिन ही विपक्ष ने सरकार पर कई गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी और कहा कि सरकार ने मीडिया पर अघोषित आपातकाल लगा रखा है जिसके चलते सरकार के काले कारनामे और नोटबंदी का सच जनता के सामने नहीं आ रहा है। संसद के उच्च सदन में बजट सत्र की कार्यवाही के पहले दिन ही नोटबंदी पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोंक झोंक हुई। संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान सरकार ने दावा किया है कि नोटबंदी पर विपक्ष और मीडिया ने भले ही लाख आरोप लगाये हो। मगर जनता खुश है। जनता ने देश बदलने के लिए इस योजना का साथ दिया। वहीं विपक्ष ने आरोप लगाया है कि मीडिया नोटबंदी का कड़वा सच और मोदी सरकार के शासनकाल में हो रहे भ्रष्टाचार को बाहर नहीं निकाल पा रहा है। विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि टीवी चैनलों में नोटबंदी की तारीफ करने वाले लोग आम जनता नहीं बल्कि भाजपा और संघ के कार्यकर्त्ता थे। सदन में इस दौरान प्रधानमंत्री भी मौजूद रहे। विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि मोदी सरकार के ढाई साल में कश्मीर जल रहा है। सबसे ज्यादा सीमा पार उल्लंघन और जवानों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी की वजह से काला धन घटा नहीं बढ़ा है। बैंकों में पिछले दरवाजे से बड़े लोगों ने अपने काले पैसे को सफेद कर लिया। किसानों की कमर टूट गई। दस सालों में भी उसका उबरना बहुत मुश्किल है। उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में किसानों ने अपने आलू-टमाटर सड़क पर फेंक दिए। आजाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार बनते ही कश्मीर में जम्हूरियत, कश्मीरियत और इंसानियत की बात की थी। मगर ढाई साल बाद ये बातें दफन हो गई है। कश्मीर को जलने के लिए छोड़ दिया है।
सपा सांसद नीरज शेखर ने मोदी सरकार पर सुर्खियों में रहने के लिए स्वच्छ भारत अभियान और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का अभियान चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रपति को मोदी सरकार का अभिभाषण पढ़ते वक्त पीढ़ा हो रही थी। मोदी सरकार ने कुछ नहीं किया। लेकिन राष्ट्रपति को यह अभिभाषण पढ़ना पड़ा। उनके इस बयान को लेकर भाजपा सदस्यों ने जमकर विरोध किया। चेयर पर बैठे सत्यनारायण जटिया ने कहा कि अगर उनकी बात अपात्तिजनक होगी तो इसे कार्यवाही से निकाल दिया जाएगा। वहीं राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के प्रस्ताव को रखते हुए केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासन में आकाश से पाताल तक घोटाले थे। कोयला घोटाला, 2जी स्पेक्ट्रम, अंतरिक्ष में देवास घोटाला इसका उदाहरण है।