नई दिल्ली: राष्ट्रपति चुनाव के लिए भाजपा की तीन सदस्य कमेटी शुक्रवार को सोनिया गांधी और सीताराम येचुरी से मुलाकात करेगी और आम सहमति बनाने का प्रयास किया जायेगा। इस तीन सदस्य कमेटी में राजनाथ सिंह, अरूण जेटली और वैंकेया नायडू शामिल हैं जो कल एक ऐसे प्रत्याशी को लेकर चर्चा कर सकते हैं जिस पर विपक्षी दलों को भी कोई आपत्ति ना हो। मौजूदा वक्त में भाजपा समर्थित दलों के पास कुल 5 लाख 37 हजार 684 वोटों के साथ 48.74 फीसदी की भागीदारी है। जबकि कांग्रेस समर्थित दलों के पास 3 लाख 91 हजार 739 वोटों के साथ 35.47 फीसदी हिस्सेदारी हैं। अब पाॅवर गेम उन 6 दलों पर टिका हुआ है जिनके पास 1 लाख 44 हजार 302 वोट हैं और 13.06 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं। यदि ये 6 दल (बीजेडी, टीआरएस, ऐआईऐडीएमके, वाईएसआरसीपी, आप, आईएनएलडी) विपक्ष के साथ भी आते हैं तो विपक्ष की शक्ति बढ़कर 48.53 फीसदी हो सकती है जो सत्ता पक्ष के लगभग बराबर है। ऐसे में राष्ट्रपति चुनाव खासा दिलचस्प हो सकता है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। एक ओर जहां भाजपा अपना पाला मजबूत करने के लिए विपक्ष में फूट डालने का कोई मौका नहीं छोड़ रही हैं वहीं विपक्ष एकजुटता दिखाने का भरसक प्रयास कर रहा है। हालांकि दोनों ही धड़ों ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं लेकिन सूत्रों के हवाले से विपक्ष को मोदी के धुर विरोधी की तलाश है और भाजपा की कोशिश हिन्दूवादी छवि को लाने की है। हालांकि शिव सेना अपनी ओर से मोहन भागवत का नाम आगे कर चुकी है।