देहरादून : सर पर ब्रहमकमल टोपी, भाषा में गढ़वाली-कुमाऊंनी के छोटे-छोटे वाक्य, वही चिर-परिचित अंदाज, वहीं देवभूमि से पुराना लगाव, वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ आत्मीय भाव। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली से देहरादून को करीब करने आये थे पर साथ में लोगों का दिल जीतकर चले गये। पीएम नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से खास लगाव है लेकिन उनके दौरे पर हर बार एक नई उर्जा और उत्साह दिखायी देता है। उनके भाषण में हर बार बाबा केदार, सीमांत क्षेत्र की चिंता और प्रगति का नया खाका जरूर होता है। इस बार फिर प्रधानमंत्री ने प्रगति का नया खाका खींचा है। अपने भाषण में उन्होंने कहा कि ये हाईवे, ये सड़कें, ये एक्सप्रेसवे और कॉरिडोर हमारे राष्ट्र की भाग्य रेखाएं हैं, ये भविष्य की सूरत बदल देंगे। ये भाग्य रेखाए आने वाली पीढ़ियों की समृद्धि की गारंटी हैं और ये मोदी की भी गारंटी हैं।

दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणेशपुर सहारनपुर में उतरकर उत्तर प्रदेश में रोड शो किया और वन्यजीव कोरीडोर का अवलोकन किया और फिर पीएम मोदी ने मां डाट काली मंदिर में पूजा अर्चना के बाद देहरादून में 12 किमी का रोड शो किया। इसके बाद गढ़ी कैंट स्थित जसवंत सिंह सेना मैदान में पहुंचकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और फिर बटन दबाकर देश को 213 किमी के 11,963 करोड़ की लागत से तैयार हुए दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर की सौगात प्रदान की। लोकार्पण कार्यक्रम में सीएम पुष्कर सिंह धामी पीएम के साथ मंच पर ही मौजूद थे, जबकि गणेशपुर से यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और दिल्ली से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता वर्चुअल माध्यम से उनसे जुड़े थे। इस कोरीडोर के लोकार्पण के बाद इन तीन राज्यों को बड़ा लाभ मिलने जा रहा है।
दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि ये कॉरिडोर नए कारोबार के आधार बनते हैं। इस कॉरिडोर से पूरे क्षेत्र का कायाकल्प होने जा रहा है। इससे पहला फायदा तो ये है कि समय की बचत होगी और आना-जाना सस्ता और तेज होगा। इससे पेट्रोल-डीजल कम खर्च होगा। दूसरा बड़ा फायदा रोजगार का भी होने जा रहा है। अब इसके निर्माण में 12 हजार करोड़ खर्च हुए तो हजारों श्रमिकों को काम भी मिला। साथ ही इंजीनियर व अन्य क्षेत्रों में भी काम के अवसर पैदा हुए। किसानों, पशुपालकों की अब तेज गति से बड़ी मंडी, बड़े बाजारों तक पहुंच आसान होगी। इससे उत्तराखंड के पर्यटन को भी बड़ा फायदा होगा। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और चारधाम यात्रा का यह प्रमुख मार्ग बन जायेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि इस बीते एक दशक से हमारी सरकार राष्ट्र की विकास रेखाओं पर अभूतपूर्व निवेश कर रही है। 2014 से पहले ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सालभर में पूरे देश में दो लाख करोड़ रुपये भी खर्च नहीं होते थे लेकिन आज यह खर्च 12 लाख करोड़ से भी ज्यादा है। देवभूमि उत्तराखंड में ही सवा दो लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाओं पर काम जारी है। एक समय ऐसा भी था कि उत्तराखंड के गांवों में सड़क के इंतजार में पीढ़ियां बदल जाती थीं लेकिन आज डबल इंजन सरकार के प्रयासों से अब सड़क गांव तक पहुंच रही है। जो गांव पहले वीरान पड़े थे वो फिर से जीवंत हो रहे हैं। उत्तराखंड में चारधाम महामार्ग परियोजना, रेल परियोजना, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब का रोपवे, विकास की ये रेखाएं जीवन की भी भाग्य रेखाएं बन रही हैं।
इन भाग्य रेखाओं पर पीएम ने कहा कि भविष्य की दशा और दिशा क्या होगी, इसके लिए अक्सर लोग हाथ की रेखाएं दिखाया करते हैं। मैं इस विज्ञान को तो नहीं जानता हूं लेकिन कहते हैं कि ये भी एक शास्त्र है। अगर इसी संदर्भ को मैं राष्ट्र जीवन से जोड़कर देखूं तो राष्ट्र की भाग्य रेखाएं हमारी सड़कें होती हैं। हमारे हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे, वाटरवे ये हमारे राष्ट्र की भाग्य रेखाएं हैं। बीते एक दशक से हमारा देश विकसित भारत बनाने के लिए विकास की ऐसी ही भाग्य रेखाओं के निर्माण में जुटा हुआ है। ये रेखाएं सिर्फ आज की सुविधा ही नहीं है बल्कि ये आने वाली पीढ़ियों की समृद्धि की गारंटी हैं और ये मोदी की भी गारंटी हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का भारत जिस रफ़्तार से काम कर रहा है, उसकी पूरी दुनिया चर्चा कर रही है। मैं आपको उत्तराखंड, पश्चिमी यूपी और दिल्ली का उदाहरण देता हूं। कुछ सप्ताह पहले ही दिल्ली मेट्रो का विस्तार हुआ। मेरठ में भी मेट्रो सेवा शुरू हो गयी है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू हुआ है। आज देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस वे भी शुरू हो रहा है। इतने छोटे क्षेत्र में इतने कम समय में ये सब हो रहा है। आप कल्पना कीजिए देश में कितने बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा होगा। इसलिए मैं कहता हूं कि 21वीं सदी का भारत आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जिस क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है, वह अभूतपूर्व है। आज दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, बंगलूरू-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, अमृतसर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। ये सब प्रगति के नए द्वार हैं, गेटवे हैं, डोर हैं। इनसे उम्मीदों की डोर जुड़ी हुई है।

पीएम मोदी ने ये भी कहा कि बाबा साहेब डॉ.भीमराव आंबेडकर भी आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की वकालत किया करते थे। आप के बीच आने से पहले मुझे मां डाट काली के दर्शन का सौभाग्य मिला। देहरादून शहर पर उनकी बड़ी कृपा होती है। दिल्ली-देहरादून इकोनोमिक कॉरिडोर के इतने बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने में मां डाट काली का आशीर्वाद ही बड़ी शक्ति है।
पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण की बड़ी बातें –
– दून पर मां डाट काली की कृपा और आशीर्वाद है। मैं भी उत्तराखंड से आज नई ऊर्जा और नई प्रेरणा लेकर जाऊंगा।
– बाबा केदार के दर्शन के बाद मेरे मुंह से अचानक निकला था कि आने वाला दशक उत्तराखंड का दशक होगा और मुझे खुशी है कि युवाओं की ऊर्जा से प्रदेश विकास के नया आयाम छू रहा है।
– देश का संविधान गरीबों वंचितों, शोषितों को न्याय पूर्ण व्यवस्था के लिए है और बाबा साहब औद्योगिकरण की वकालत करते थे।
– हस्तरेखा विशेषज्ञ हाथ की रेखाएं देखकर भविष्य बता देते हैं इसे वास्तविक जीवन से जोड़कर देखूं, तो राष्ट्र का भाग्य हमारी सड़कें होती हैं।
– यूसीसी से उत्तराखंड ने देश को नया रास्ता दिखाया है।
– इस एक्सप्रेसवे से उत्तराखंड के पर्यटन को खास फायदा मिलने जा रहा है और देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और चारधाम के लिए यह सबसे प्रमुख होगा।
– उत्तराखंड को बारामासी पर्यटन की जरूरत है और यहां ग्रीष्मकालीन ही नहीं शीतकालीन यात्रा भी पर्यटन एक नया आयाम देगी।
– डबल इंजन सरकार द्वारा प्रगति, प्रकृति और संस्कृति की त्रिवेणी के आधार पर विकास किया जा रहा है।
– हम यहां आये तो तीर्थस्थलों को स्वच्छ और सुंदर रखें और यहां कूड़ा ना फैलाएं।
– अगले साल कुंभ होगा और हमें इसे दिव्य और भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़नी है।
– प्रदेश में नंदा देवी राजजात होगी और यह हमारी आस्था का केंद्र है।
– देश में चार दशक के इंतजार के बाद संसद ने नारी शक्ति वंदन बिल पास किया था और महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण का हक लागू करने में देरी नहीं होनी चाहिए।
– देवभूमि में गढ़ी कैंट, शहीद जसवंत सिंह रावत के शौर्य को देश कभी भुला नहीं सकता है। हमनें वन रैंक वन पेंशन के माध्यम से करीब सवा लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

सीएम पुष्कर सिंह धामी को उर्जा और शक्ति दे गये पीएम मोदी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये दौरा खासा सुकून और उर्जा देने वाला था। हमेशा मंच पर दोनों का एक साथ आत्मीय लगाव देखने को मिलता हैं। जिस प्रेम और भाव के साथ नरेंद्र मोदी सीएम पुष्कर सिंह धामी के साथ मिलते हैं वो किसी अन्य के साथ देखने को नहीं मिलता है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री के लिए लोकप्रिय, कर्मठ और युवा जैसे शब्दों का प्रयोग किया जो उनके लिए किसी उर्जा से कम नहीं है। सीएम धामी का पीएम के लिए तोहफा में हमेशा एक संदेशवाहक की भूमिका में होता है। इस बार मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को नंदा राजजात पर आधारित स्मृति चिह्न भेंट किया है, जिसमें मां नंदा की डोली, और अगुवाई करते खाड़ू के साथ स्थानीय लोगों का सुंदर चित्रण किया गया है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा उत्तराखंड के लिए ऊर्जा और विकास की नई सौगात लेकर आता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देवभूमि उत्तराखंड देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनने के लिए विकास और विरासत की अवधारणा के अनुरूप प्रत्येक क्षेत्र में काम रहा है और 2022 की तरह देव व वीरभूमि में 2027 में भाजपा की ही सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद भारत ने आधारभूत संरचना, अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है। केदारनाथ धाम से प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी का तीसरा दशक, उत्तराखंड का दशक बताया और सभी का उत्साहवर्धन किया था। प्रधानमंत्री ने सीमांत गांव माणा में आकर उसे देश का अंतिम नहीं प्रथम गांव घोषित किया था। वैश्विक निवेशक सम्मेलन में पीएम ने ही वेड इन उत्तराखंड का संदेश दिया था। प्रधानमंत्री ने आदि कैलाश की यात्रा करके इस तीर्थ को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई और राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन से देवभूमि को खेलभूमि के रूप पहचान दिलाई। उन्होंने हर्षिल मुखबा से शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा दिया था। सीएम ने कहा आज पूरी रफ्तार के साथ भारत आगे बढ़ रहा है, नक्सलवाद, उग्रवाद और आतंकवाद से जीत अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और नवाचार में भी भारत कीर्तिमान बना रहा है।